Bad Habits In Hindi

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दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Bad Habits in Hindi के बारे में बात करने वाले है. दोस्तों हम में से अक्सर लोग दिनभर में कई तरीके की गलतियां करते है. जिसमें कुछ ग़लतियां ऐसी होती है जिसके बारे में व्यक्ति को पता होता है कि ये एक गलत काम है. लेकिन कुछ काम ऐसे भी होते हैं जो कि असल में होते तो गलत है, लेकिन लोगों से सही समझ कर कर रहे होते हैं.

या फिर उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं होता कि जो वो कर रहे हैं वह सही है या फिर गलत. जिसकी वजह से कई बार नुकसान भी उठाना पड़ जाता है. इसलिए आज के आर्टिकल में हम उन्हीं में से 10 ऐसे ही गलतियों के बारे में जानेंगे, जिसमें हर किसी को सुधार जरूर करना चाहिए.

बुरी आदतें – Bad Habits in Hindi

1) सुबह उठकर चेहरे को हाथों से छूना

दोस्तों अक्सर लोग जो सुबह सोकर उठते ही पहली गलती करते हैं, वह हैं चेहरे को छूना. क्योंकि शायद ये तो आपको ही पता होगा कि हमारे हाथों में बैक्टीरिया होते हैं. लेकिन पूरी रात सोते समय हाथ नहीं दवाई जाता है, इसलिए हाथों में बैक्टीरिया की मात्रा और भी ज्यादा बढ़ जाती है और फिर उसी हाथों से सुबह चेहरा को छूने से स्किन में इंफेक्शन होने के चांसेस बहुत ज्यादा रहते हैं.

खासकर अगर चेहरे में किसी भी तरीके की एक्ने या पिंपल्स की प्रॉब्लम होती है, तो ऐसे में चेहरे को छूने वाली यह आदत और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए चेहरे को छूने से पहले एक बार हाथ जरूर धो लेना चाहिए और पूरे दिन के समय में भी चेहरे को छूने से पहले ये मेक शोर कर लेना चाहिए कि आपके हाथ साफ है या नहीं.

2) टूथब्रश

आज भी बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो कि ब्रश करना बिल्कुल भी जरूरी नहीं समझते हैं. लेकिन जो लोग करते भी हैं तो एक ही ब्रश को इतने लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं, कि जब तक कि ब्रश का पूरी तरह से जनसा नहीं निकल जाता. तब तक कि उसे बदलना बिल्कुल भी जरूरी नहीं समझते हैं. जो कि एक बहुत ही गलत तरीका है.

क्योंकि टूथब्रश दांतो की सफाई तब तक ही हो पाती है, जब तक कि उसके ब्रिसल्स सीधे रहते हैं और जब एक बार ब्रश फैल जाए, तो वह दांतो के बीच में नहीं पहुंच पाता और जिससे कि हमें तो ऐसा लगता है कि हम डेली ब्रश कर रहे हैं. लेकिन एक्चुअल में दांतो की सफाई हो ही नहीं पाती और जैसे कि दांतों और मसूड़ों से जुड़ी कई तरीके के समस्या शुरू होने लगती हैं. इसलिए जरूरी है कि टूथब्रश को सही समय पर बदलने का भी खास ख्याल रखना चाहिए.

3) बहुत ज्यादा झाग पैदा करने वाले टूथपेस्ट

दोस्तों जहां लोग अक्सर गलती करते हैं और उसे सही समझते हैं. क्योंकि ज्यादातर लोग ऐसा लगता है कि हर वह चीज जिसे इस्तेमाल करने पर बहुत ज्यादा झाग बनता है, उससे सफाई भी बहुत ही अच्छी तरह होती है. लेकिन ऐसा सोचना पूरी तरह से गलत है. क्युकी अच्छी सफाई के लिए झाग बनना बिल्कुल भी जरूरी नहीं होता. लेकिन क्योंकि ज्यादातर लोग ऐसा सोचते हैं. इसलिए कई सारी कंपनी दांतों की सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टूथपेस्ट में भी झाग पैदा करने के लिए एक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है और जिसका नाम है सोडियम लॉरिल सल्फेट. इसे शॉर्ट में SLS भी का जाता है.

दोस्तों यह सोचने वाली बात यह है कि इस केमिकल का डिटर्जेंट के रूप में साबुन और शैंपू में भी इस्तेमाल करना गलत माना जाता है, उसी केमिकल को झाग पैदा करने के लिए हमारे टूथपेस्ट में डाल दिया जाता है और जिसे लोग अच्छा समझ कर खुशी-खुशी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इस बात का भी समझना जरूरी है कि यह केमिकल का हैश केमिकल की कैटेगरी में आता है.

जोकि स्किन को इरिटेट करने के साथ-साथ और भी कई दूसरी प्रॉब्लम भी पैदा कर सकता है और इस तरह के केमिकल वाले टूथपेस्ट का लगातार इस्तेमाल करने से मुंह के अंदर बार-बार अल्सर की प्रॉब्लम हो सकती है. साथ ही इसका लंबे समय तक इस्तेमाल करने से यह शरीर के दूसरे हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. मार्केट में मौजूद कई ऐसे ब्रांड है जिसमें आम तौर पर SLS केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है अगर फिर भी आप इस तरीके की टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं तो यह तो फिर आपकी मर्जी है. लेकिन यह समझ के इस्तेमाल करना कि अच्छा होता है.

तो यह बस आपकी एक गलतफहमी है और इस तरह के टूथपेस्ट स्वाद में मीठी होने की वजह से बच्चे अक्सर ही से निगल जाते हैं और जिसे कि इसमें मौजूद केमिकल उनके शरीर के दूसरे हिस्से को भी नुकसान पहुंचा सकता है. साथ ही आपको यह बात भी दिमाग से निकाल देना चाहिए कि अच्छी सफाई के लिए झाग बनना जरूरी होता है. क्योंकि यह सब बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. खासकर टूथपेस्ट के मामले में तो हरगिज़ नहीं.

मार्केट में डाबर रेड पेस्ट पर विको वज्रदंती जैसे कुछ टूथपेस्ट होते हैं जिसमें SLS जैसे हास केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता. साथ ही इसे बनाने में कई तरह की प्राकृतिक जड़ी बूटियों का भी इस्तेमाल किया जाता है. जिससे कि इन दोनों में से किसी एक का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर ऑप्शन हो सकता है.

4) चेहरा धोते या पोंछते समय जोर से रगड़ना

ज्यादातर लोग ऐसा लगता है कि चेहरे को जोर से रगड़ने से चेहरा अच्छी तरह साफ हो जाता है. लेकिन यह पूरी तरह से गलत तरीका है. क्योंकि चेहरे की स्किन बहुत ही नाजुक होती है. जिससे रगड़ कर साफ़ करने से बहुत ही जल्दी डैमेज हो जाती है. जिससे कि समय के साथ-साथ चेहरे की स्किन धीरे-धीरे ढीली पड़ने लगती है और कम उम्र में ही चेहरे पर झुरिया दिखने लगती है. इसलिए चेहरे को हमेशा ही हल्के हाथों से ही धोना और पोछना चाहिए और चेहरे पर जमी डेड स्किन को साफ करने के लिए जोर से रगड़ने की बजाय फेस स्क्रब का इस्तेमाल करना चाहिए.

5) नहाना

वैसे तो नहाने में अक्सर लोग कई तरह की गलतियां करते हैं. लेकिन जो सबसे आम गलतियां होती है. वह शरीर के साथ-साथ चेहरे और बालों में भी साबुन का इस्तेमाल करना. क्योंकि बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि साबुन में केमिकल नहीं होता. जबकि फेस वॉश और शैंपू में केमिकल होते हैं. लेकिन ऐसा सोचना भी पूरी तरह से गलत है. क्योंकि साबुन में और भी ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है और जो कि चेहरे और बालों के लिए बिल्कुल भी सूटेबल नहीं होता और उतना ही नहीं ज्यादातर साबुन में झाग पैदा करने के लिए उसमें SLS यानी सोडियम लॉरिल सल्फेट जैसे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है.

इसके अलावा साबुन में सोडियम और फेट भी काफी मात्रा में मौजूद होता है. जिससे कि साबुन का चेहरे और बालों में लगातार इस्तेमाल करने से यह स्किन को बहुत ज्यादा ड्राई और इरिटेट कर सकता है और कुछ साबुन तो ऐसे भी होते हैं जो कि रोम छिद्र को बंद कर देते हैं. जिससे कि एक्ने और पिम्पल्स की प्रॉब्लम भी शुरू होने लगती है. इसलिए चेहरे के लिए फेस वॉश और बालों के लिए शैंपू इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर ऑप्शन हो सकता है.

लेकिन जब इस बात का ख्याल रखना जरूरी है कि हर किसी की स्कीम अलग-अलग होती है और यह भी बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि हर शैंपू या फेस वॉश केमिकल फ्री ही होते हैं. इसलिए जरूरी है कि इन चीजों को खरीदते वक्त उसकी इनग्रेडिएंट्स लिस्ट को जरुर चेक कर लेना चाहिए.

6) चेहरे, शरीर और बालों को एक ही तौलिये से पोंछना

कुछ लोग तो इस से भी दो कदम आगे निकल जाते हैं और पूरे परिवार के लोग एक ही तौलिये का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन यह अपने आप में एक बहुत ही गलत तरीका है. क्योंकि हमारी खुद की ही शरीर के अलग-अलग हिस्से में अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया होते हैं और जब एक ही तौलिये का इस्तेमाल किया जाता है, तो वह बैक्टीरिया बालों और चेहरे की स्किन पर ट्रांसफर होकर काफी हद तक नुकसान पहुंचा सकता है.

जिससे कि एक्ने, पिंपल्स और बाल झड़ने जैसी समस्या भी शुरू हो सकती है. इसलिए या तो अपने शरीर, चेहरे और बालों के लिए अलग-अलग टॉवल का इस्तेमाल करें. या एक बड़ा टॉवल खरीदकर निशान लगा लें. जिसमें एक साइड से बॉडी और दूसरी साइड से बाल और चेहरे को पहुंचा जा सकता है.

लेकिन किसी भी हालत में अपना टॉवल किसी और से आपको शेयर बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और अगर कभी मजबूरी में आपको किसी और का टॉवल इस्तेमाल करना पड़ता है. तो उसे किनारी की तरफ से इस्तेमाल करें. क्योंकि ज्यादातर लोग तो टॉवल को बीच से इस्तेमाल करते हैं जिससे कि किनारे वाला हिस्सा अक्सर ही साथ रह जाता है.

7) बालों में तेल लगाना

दोस्तों यहां लोग दो तरह की गलत या करते हैं. एक तो यह कि कुछ लोग बालों में तेल लगते ही नहीं और दूसरा यह कि जो लोग बालों में तेल लगाते हैं उसमें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं. जो सर में तेल लगाकर कई दिनों के लिए यूं ही छोड़ देते हैं और यह दोनों ही एक बहुत ही गलत तरीका है. क्योंकि पहली बात तो यह के तेल बालों को मजबूती प्रदान करता है. इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार बालों में तेल जरूर लगाना चाहिए. लेकिन बालों में तेल लगाकर लंबे समय के लिए बिल्कुल भी नहीं छोड़ना चाहिए.

क्योंकि तेल में चिपचिपा पन होने की वजह से सर में तेल लगा कर घर से बाहर निकलने या फिर यूं ही बहुत देर तक छोड़ देने से धूल मिट्टी को अपनी तरफ खींचता है, जिससे कि डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या शुरू हो सकती है. इसलिए बेहतर है कि रात को सोने से पहले बालों में तेल लगाकर पूरी रात छोड़ दें और सुबह उठकर धोकर साफ कर ले.

लेकिन जिन लोगों के चेहरे की स्किन सेंसिटिव है तो ऐसे लोगों को रात में सर में तेल लगाकर नहीं सोना चाहिए. क्योंकि सोते समय सिर में लगा तेल और गंदगी चेहरे की स्किन पर लगकर प्रॉब्लम को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है. इसलिए बेहतर है कि दिन में ही नहाने से एक-दो घंटे पहले सर में तेल लगाएं और फिर धोकर साफ कर लें.

लेकिन यहां भी कुछ लोग गलत ही करते हैं और खुशबू वाला तेल लगाना चाहता पसंद करते हैं. जो कि फायदे के बजाय और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए कोई भी तेल खरीदते समय उसकी इनग्रेडिएंट्स लिस्ट को एक बार चेक करना बिल्कुल भी ना भूलें और अगर उसे बनाने में मिनरल आयल, पैराफिन, सिलिकॉन, सिंथेटिक कलर और आर्टिफिशियल फ्रेग्रेन्स जैसे किसी भी चीज का इस्तेमाल किया गया हो तो ऐसे तेल का इस्तेमाल न करे. ऐसे में अगर प्योर सरसों का तेल या फिर नारियल तेल का इस्तेमाल किया जाए तो यह भी बहुत ही काफी हो जाता है.

8) Gym या exercise के बाद न नहाना

खासकर जब कोई व्यक्ति शाम को एक्सरसाइज करता है तो उसके बाद नहाना बिल्कुल भी जरूरी नहीं समझा जाता और बहुत ज्यादा थकावट होने की वजह से यूं ही सो जाते हैं. लेकिन की भी एक बहुत ही गलत तरीका है. क्युकी एक्सरसाइज के दौरान पसीना निकलता है और पसीने की वजह से उस में बैक्टीरिया भी बिल्डअप होने लगते हैं. थोड़ी देर बाद तो पसीना सूख जाता है. लेकिन उसमें मौजूद बैक्टीरिया तब भी स्किन की सतह पर मौजूद रहता है. जिसे धोकर साफ किया जाए तो स्किन एलर्जी, बालों का झड़ना और कई दूसरी प्रॉब्लम भी पैदा कर सकता है. इसलिए एक्सरसाइज के आधे से एक घंटे बाद नहाने का खास ख्याल रखना चाहिए.

9) रात को बिना ब्रश किए ही सो जाना

दोस्तों जितना सुबह में दांतो को साफ करने के लिए ब्रश किया जाता है, उसी तरह रात में सोने से पहले भी ब्रश करना बहुत जरूरी होता है. लेकिन ज्यादातर लोग इसे बिल्कुल भी जरूरी नहीं समझते. सोने से पहले ब्रश करने के लिए जरूरी होता है. क्योंकि रात में खाएंगे खाने का कुछ टुकड़ा दातों में पूरी रात हुई फंसा रह जाता है. जिसे की बैक्टीरियल इंफेक्शन और दांतों और मसूड़ों में सड़न पैदा होने के चांसेस बहुत ज्यादा रहते हैं. इसलिए सोने पहले ब्रश करने और चेहरा धोने का भी खास ख्याल रखना चाहिए. ताकि चेहरे से भी दिनभर जमी धूल मिट्टी को साफ किया जा सके.

10) तकिए का कवर

दोस्तों अक्सर लोग तकिये के कवर को तब तक नहीं बदलते जब तक कि वह बहुत ज्यादा मेला ना हो जाए. जो कि अपने आप में एक बहुत ही गलत तरीका है. क्योंकि तकिए पर सर रखकर लगातार सोनी के वजह से सर में मौजूद गंदगी तकिए पर जमती जाती है और जिसे की तकिए पर बैक्टीरिया भी बिल्ड अप होने लगते हैं और फिर उसी गंदे ताकि पर सर रखकर सोने की वजह से तकिए पर मौजूद बैक्टीरिया बालों और चेहरे की स्किन पर ट्रांसफर होकर यह काफी हद तक नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि हफ्ते में कम से कम एक से दो बार तकिए के कवर की सफाई जरूर करना चाहिए.

तो दोस्तों हम उम्मीद करते है की आपको रोजमर्रा की लाइफ में की जाने वाली बुरी आदतों के बारे में पता चल गया होगा. तो आपको ये Bad Habits in Hindi आर्टिकल कैसा लगा हमे कमेंट करके बताइये और इस पोस्ट से ज्यादा शेयर करिये. धन्यवाद.

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