CMS Full Form | CMS क्या है – What Is CMS In Hindi

दोस्तों, इस आर्टिकल में हम CMS यानी की Content Management System के बारे में जानेंगे। कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए आप बिना कोई प्रोग्रामिंग और कोडिंग को सीखे अपनी खुद की वेबसाइट बना कर चला सकते है।

CMS के इस आर्टिकल में हम CMS Full Form – CMS Full Form In HindiCms Kya Hai – What Is CMS In Hindi आदि, के बारे में बात करेंगे। अगर Content Management System से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो यह आर्टिकल पूरा पढ़े।

CMS Kya Hai - What is CMS In Hindi

विषय - सूची

CMS Full Form – CMS Full Form in Hindi

CMS का Full Form Content Management System होता है। और हिंदी में इसका मतलब सामग्री प्रबंधन प्रणाली होता है।

Cms Kya Hai – What Is CMS In Hindi

CMS का Full Form Content Management System होता है। CMS एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसकी मदद से कोई भी यूजर बिना किसी प्रोग्रामिंग स्किल के अपने Digital Content का निर्माण, संपादन, मैनेजमेंट, और पब्लिश कर सकता है।

दूसरे शब्दों में, Content Management System एक (CMS) एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां पर किसी भी तरह की प्रोग्रामिंग और कोडिंग किए बिना आप अपनी वेबसाइट बना सकते है और उसे मैनेज कर सकते है।

उदाहरण के तौर पर WordPress और Blogger यह दोनो CMS Platforms है जिसमें आप अपनी वेबसाइट बना करके आसानी से उसे मैनेज कर सकते है और खास कर WordPress की बात करे तो इसमें आपको बहुत सारे फीचर्स मिल जाते है अपनी वेबसाइट को कस्टमाइज करने के लिए।

दोस्तों, CMS का उपयोग आमतौर पर Enterprised Content Management (ECM) और Web Content Management (WCM) के लिए किया जाता है।

ECM:

ECM आमतौर पर डिजिटल परिसंपत्ति प्रबंधन, दस्तावेज़ प्रबंधन और रिकॉर्ड प्रतिधारण को एकीकृत करके एक सहयोगी वातावरण में कई उपयोगकर्ताओं का समर्थन करता है।

WCMS:

WCM वेबसाइट्स के लिए सहयोगी संलेखन है जिसमें फोटो, वीडियो, ऑडियो, एम्बेड ग्राफिक्स, प्रोग्रामिंग कोड और मैप्स शामिल हो सकते है जो कंटेंट प्रदर्शित करते है और यूजर्स के साथ interact करते है।

वीडियो देखें, Cms क्या है – What Is CMS In Hindi

Content Management System (CMS) कैसे काम करता है?

दोस्तों, CMS प्लेटफॉर्म की मदद से आप बिना कोई प्रोग्रामिंग और कोडिंग भाषा सीखे आसानी से अपनी वेबसाइट बना करके कंटेंट पब्लिश कर सकते है।

Content Management System (CMS) कैसे काम करता है यह समझने के लिए हमें Content Management Application (CMA) और Content Delivery Application (CDA) यह दो चिजो को समझना होगा।

Content Management Application (CMA) 

Content Management Application आपको अपनी वेबसाइट पर कंटेंट Add करने और Manage करने की अनुमति देता है जिसमें आपको किसी भी तरह के कोडिंग और प्रोग्रामिंग की आवश्कता नहीं होती है।

Content Delivery Application (CDA)

Content Delivery Application आपकी वेबसाइट के back-end के रूप में काम करता है। जो कंटेंट आप अपने CMS में दाखिल करते है यह उसे स्टोर और प्रोसेस करके इस तरह से उसे प्रस्तुत करता है कि दुनिया भर के यूजर्स उस कंटेंट को आसानी से खोज करके देख पाए।

CMS महत्वपूर्ण क्यों है | आपको CMS की आवश्यकता क्यों है?

Content Management System आपको आपके Content पर नियंत्रण प्रदान करता है। कंटेंट को रिव्यू और मैनेज करना महत्वपूर्ण है, इससे हम हमारी साइट पर स्थित सभी जानकारी को Up to Date रख सकते है।

पुरानी जानकारी के वजह से आपके साइट पर Bounce Rate बढ़ सकता है क्योंकि विजीटर्स ज्यादा देर तक आपके साइट पर रहेंगे नहीं।

Content Management System से हम कोई भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज या कोडिंग सीखे बिना एक बेहतरीन वेबसाइट बना सकते है और इसे मैनेज करने के लिए इसमें हमें बहुत सारे फीचर्स और टूल्स मिल जाते है जिससे हम बहुत ही आसानी से अपनी वेबसाइट को मेंटेन कर सकते है।

एक सही CMS प्लेटफार्म आपके बिजनेस को ग्रो करने में काफी मदद रूप साबित हो सकता है। जितने ज्यादा फीचर्स आपके CMS में होंगे आपका काम उतनी ही जल्दी से होगा और समय की भी बचत होगी।

तो इसलिए अगर आप अपने बिजनेस को अच्छी तरह से ग्रो करना चाहते है तो आपको एक सही CMS प्लेटफार्म की आवश्यकता होगी जो आपके बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुचाने में सक्षम होगा।

Content Management Systems (CMS) के प्रकार

एक नई वेबसाइट शुरू करने से पहले यह जानना बहुत ही जरूरी है की आपको जिस प्रकार की वेबसाइट चाहिए उसके अनुसार किस प्रकार का CMS प्लेटफार्म आपको उपयोग में लेना चाहिए।

1. Enterprise Content Management System (ECMS)

इस प्रकार का CMS विभिन्न आर्गेनाइजेशन और कॉर्पोरेट्स को विभिन्न प्रकार के कंटेंट बनाने, मैनेज करने और वितरित करने की अनुमति देता है। इन कॉन्टेंट्स में डॉक्यूमेंट्स, प्रोडक्ट इनफॉर्मेशन, सर्वे आदि, शामिल हो सकते है।

इसके साथ ही कम्पनियां भी कंटेंट के प्रकार के संबंध में सहयोग प्रदान कर सकती है।

2. Web Content Management System (WCMS)

आप किसी भी प्रोग्रामिंग और कोडिंग भाषा को सीखे बिना अपनी डिजिटल जानकारी को बनाने और बनाए रखने के लिए एक टूलसेट के रूप में इस प्रकार के CMS का उपयोग कर सकते है।

इसके User-friendly और Customizable फीचर्स की वजह से ज्यादातर यूजर्स इसी प्रकार के CMS को पसंद करते है।

3. Component Content Management System (CCMS)

यह CMS विभिन्न दस्तावेज़ों में दोहराव वाली सामग्री का संचालन करता है, जिसे अक्सर संशोधित किया जाता है, और विभिन्न भाषाओं में अनुवादित किया जाता है।

Content को Reusable Building Blocks में संग्रहित किया जाता है जिसे आसानी से Mix & Match करके Documents बनाए जा सकते है।

4. Document Management System (DMS)

यह हमे डिजिटल रूप में डॉक्यूमेंट्स संग्रहित और ट्रैक करने की अनुमति देता है और इस फाइल को एक ही समय पर एक और एक से अधिक यूजर्स चेंज और मेंटेन कर सकते है।

डॉक्यूमेंट्स मैनेज, स्टोर और ट्रैक करने के लिए यह बिल्कुल एक पेपरलेस सॉल्यूशन है।

5. Digital Asset Management System (DAMS)

Digital asset management system की मदद से यूजर्स अपना डिजिटल कंटेंट बहुत ही आसानी से स्टोर, मैनेज और शेयर कर सकते है। DAMS एक सरल, केंद्रीकृत पुस्तकालय प्रदान करता है जहां ग्राहक, कर्मचारी या ठेकेदार डिजिटल सामग्री तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

इन एसेट्स में वीडियो, ऑडियो, डॉक्यूमेंट्स, प्रेजेंटेशन आदि,शामिल हो सकता है। यह CMS Cloud based होने की वजह से इसे कहीं से भी आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।

6. Custom Content Management System (CCMS)

Custom CMS एक डिजिटल कंटेंट बनाने, संग्रहीत करने, व्यवस्थित करने और पब्लिश करने से संबंधित विशिष्ट व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप एक एप्लिकेशन है।

CMS के Features

1. Admin Dashboard

हर एक CMS में Admin Dashboard महत्वपूर्ण होता है। एडमिन डैशबोर्ड से हम हमारी वेबसाइट और कंटेंट को आसानी से मैनेज कर सकते है।

एडमिन डैशबोर्ड पर से हम कंटेंट शेड्यूल करना, थीम्स चेंज करना, कंटेंट एडिट करना, प्लगिंस इंस्टॉल करना वगैरा जैसी चीज आसानी से कर सकते है।

2. Powerful Publishing Tools

विभिन्न प्रकार के Contents क्रिएट और पब्लिश करने के लिए आपके CMS प्लेटफार्म में एक पावरफुल कंटेंट एडिटर होना अनिवार्य है जिसमें SEO, कंटेंट टैगिंग, ऑडियो – वीडियो, कस्टम लेआउट्स, embed रिसोर्सेज, लैंडिंग पेजेस आदि, शामिल होना चाहिए।

और अगर कोई नया यूजर इसे इस्तेमाल करता है तो वे भी बहुत आसानी से इसे समझ और सिख पाता है।

3. Social Media Integration

आपके साइट पर सोशल ट्रैफिक लाने के लिए और आपके साइट के यूजर्स सोशल मीडिया के जरिए आपके साथ interact कर सके इसके लिए आपके CMS प्लेटफार्म में सोशल मीडिया इंटीग्रेशन अनिवार्य है।

इस फीचर की मदद से आप अपने साइट पर बहुत ही आसानी से अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स एड कर सकते है।

4. Multi-Platform Capabilities

आपके CMS प्लेटफार्म में एक से ज्यादा साइट्स को handle करने की क्षमता होनी चाहिए जिससे आपको अगर फ्यूचर में कोई दूसरी साइट शुरू करनी है तो आप इसमें कर पाए और आप ज्यादा से ज्यादा ग्रो कर पाए।

मल्टी प्लेटफार्म कैपेबिलिटी फंक्शन हमे लचीलापन और आगे ग्रो होने में काफी मदद करता है।

5. Detailed Analytics

Analytics हमारे साइट के ट्रैफिक को ट्रैक करने के लिए अनिवार्य है जिसकी मदद से हमे यह समझने में आसानी होती है की हमारी साइट पर कहां से कितना ट्रैफिक आ रहा है।

हमारे साइट पर आने वाले यूजर्स का insights जैसे कि, वे कोनसे ब्राउजर से हमारी साइट विजिट करते है, कोनसा डिवाइस इस्मतेला करते है आदि, जानकारी के लिए एनालिटिक्स जरूरी है।

हमारी साइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक, सोशल ट्रैफिक तथा आदि जानकारी को एनालिटिक्स के जरिए प्राप्त किया जाता है।

आमतौर पर सभी CMS प्लेटफार्म में एक Analytics पहले से ही होता है लेकिन अगर आप ज्यादा अच्छे से अपने साइट को ट्रैक करना चाहते है तो आप Google Analytics और दुसरे लोकप्रिय एनालिटिक्स टूल्स का इस्तेमाल कर सकते है।

6. SEO Tools

SEO Tools आपको आपके कंटेंट को सर्च इंजन के लिए Optimize करने और Rank कराने में काफी मदद करता है।

गूगल अपने Search Algorithms में बदलाव करता रहता है, जिसकी असर आपके कंटेंट के रैंकिंग पर होती है। हालांकि, Off-Page SEO के सारे फैक्ट्स जानना नामुमकिन सा है लेकिन आप अपने CMS प्लेटफार्म में दिए गए SEO Tools की मदद से On-Page SEO करके अपने कंटेंट को रैंक करवा सकते है।

7. Publishing Controls

आपका बिजनेस कितना भी छोटा हो लेकिन यह संभव नहीं है की कोई एक व्यक्ति ही कंटेंट पब्लिश कर रहा हो। अगर आपकी साइट बड़ी है तो आपके साइट पर एक से ज्यादा व्यक्ति काम करते होंगे जिसमें एडमिन, एडमिनिस्ट्रेटर, कंट्रीब्यूटर, एडिटर, ऑथर आदि, शामिल होते है।

इन में सभी का रोल अलग अलग होता है। उदाहरण के लिए, कंट्रीब्यूटर केवल Posts क्रिएट करते है उन्हे पब्लिश नहीं करते, ऑथर अपनी Posts को पब्लिश और मैनेज करते है और एडिटर्स साइट की Posts को पब्लिश और मैनेज करते है।

8. Responsive Themes

Themes आपकी साइट को एक बेहतरीन लुक और फीचर्स प्रदान करती है जिसे आपके साइट पर जो यूजर्स आते है वो आपकी साइट को आसानी से एक्सप्लोर कर पाते है।

इसलिए आपके CMS प्लेटफार्म में अच्छी Responsive Themes होना लाजमी है। अगर आपके प्लेटफार्म पर अच्छी थीम्स उपलब्ध नही है तो आप बाहर से Free थीम्स डाउनलोड कर सकते है और Paid थीम्स भी खरीद के डाउनलोड कर सकते है।

9. Security

आप अपनी साइट पर जितनी ज्यादा सिक्योरिटी होगी उतना ही आपकी साइट तो सुरक्षती रहेगी इसके साथ ही यह आपके साइट पर आने वाले यूजर्स को भी सुरक्षा प्रदान करता है।

इसलिए आपके CMS में सुरक्षा से संबंधित जरूरी फीचर्स होने चाहिए जिस से आपकी साइट और आपकी साइट पर आने वाले यूजर्स दोनो का डाटा सुरक्षित रहे।

10. Support

ज्यादातर ओपन सोर्स प्लेटफार्म में कस्टमर सपोर्ट डिपार्टमेंट नहीं होता, इसके बजाए उसमें Forums, User Groups, Events जैसे फीचर्स होते है जिसमे लोग अपनी समस्या बताते है और जिनके पास जवाब हो वे जवाब दे सकता है।

हालांकि, इसमें आपको तुरंत और एक दम सटीक जवाब हर बार नहीं मिल सकता इसमें आपको जब तक आपके सवाल का कि जवाब न दे तब तक राह देखनी पड़ती है।

इसलिए अगर आपके CMS के पास खुदका लाइव सपोर्ट सिस्टम है तो वे ज्यादा फायदेमंद होता है।

CMS के कार्य – Functions Of CMS In Hindi

1. Creation

CMS एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां पर आप कंटेंट क्रिएट करते है। एक अच्छे CMS प्लेटफॉर्म में बेहतर कंटेंट बनाने के लिए टूल्स भी मिल जाते है।

इन टूल्स के जरिए आप अपने कंटेंट को सर्च रैंकिंग के लिए ऑप्टिमाइज कर सकते हो।

2. Managing Content

एक CMS, सॉफ्टवेयर की एक असतत प्रणाली हो सकती है जिसका उपयोग आप अपने कंटेंट को मैनेज करने के लिए करते हैं।

CMS प्लेटफार्म में आप अपने कंटेंट को बहुत ही आसानी से मैनेज कर सकते है। CMS प्लेटफॉर्म में ही आपको कई टूल्स मिल जाते है जिसका इस्तेमाल आप अपने कंटेंट को मैनेज करने के लिए कर सकते है।

3. Collaboration

आमतौर पर सभी CMS प्लेटफॉर्म में कॉलेबोरेशन टूल होता है जिससे एक से ज्यादा व्यक्ति कोई एक स्पेसिफिक कंटेंट पर कार्य कर सकते है।

जितने भी बदलाव Content में होते है वे सभी और कितनी बार कंटेंट खोला गया वे सभी को CMS ट्रैक करता है और इस वजह से सभी यूजर एक दूसरे के योगदान को खराब किए बिना अपना कार्य कर सकते है।

4. Tagging

आने वाले आधुनिक युग में ऐसी CMS Systems आ सकती है जो कंटेंट टैगिंग में सक्षम हो। यह टैगिंग HTML Tagging कि तरह बहुत हल्की और सामान्य हो सकती है या यह बहुत गहरी और बारीक हो सकती है, सामग्री के बारे में बहुत सारे अर्थपूर्ण विवरण कैप्चर कर सकती है और मेटाडेटा को औपचारिक रूप दे सकती है।

लगभग सभी आधुनिक सीएमएस सिस्टम बुनियादी XML Tagging की पेशकश कर सकता है, जो आमतौर पर इतना लचीला हो सकता है कि जिसे HTML सहित कई अन्य टैगसेट में अनुवाद किया जा सकता है।

Content Management System (CMS) के फायदे

1. Non Technical यूजर्स के लिए इस्तेमाल करने में आसान।

2. कोई प्रोग्रामिंग नॉलेज और कोडिंग की आवश्यकता नहीं।

3. SEO Friendly

4. Built In Page Builder की मदद से पेज बनाना आसान।

Content Management System (CMS) के नुकसान

1. ज्यादातर फंक्शन्स प्लगिन्स और विजेट्स पर निर्भर करते है।

2. ज्यादातर Plugins Paid होते है।

3. ज्यादा स्कैलेबल नहीं।

4. लिमिटेड फंक्शन्स उपलब्ध होते है।

5. रोजाना Maintenance की जरूर।

बेस्ट कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) प्लेटफॉर्म

1. WordPress

WordPress का नाम तो आपने सुना ही होगा और शायद आप इस्तेमाल भी करते होंगे। यह प्लेटफार्म इस्तेमाल करने में एक दम आसान है और इसमें आपको बहुत सारे Free और Paid Plugins और Themes देखने को मिल जाते है।

यह प्लेटफार्म 2003 में लॉन्च हुआ था और Content Management की बात करे तो WordPress इसमें काफी बेहतरीन अनुभव प्रदान करता है।

2. Wix

Wix एक Cloud पर आधारित वेब डेवलपमेंट प्लेटफार्म है जिससे आप HTML5 और Mobile Optimized वेबसाइट्स बना सकते है।

इसमें आपको Drag and Drop System देखने को मिल जाती है और इसके अलावा आप Plugins Install करके दूसरे फंक्शन्स डाल सकते है।

3. Squarespace

Squarespace भी एक पॉपुलर CMS प्लेटफार्म है और यह 2004 में लॉन्च हुआ था। यह प्लेटफार्म ओपन सोर्स नहीं है इसलिए आप कोई भी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करके अपने सर्वर पर इंस्टॉल नहीं कर सकते।

इसके बजाय, यह एक ब्लॉगिंग प्लेटफार्म, वेबसाइट बिल्डर और होस्टिंग सर्विस है। इसके अलावा इसमें आपको E कॉमर्स प्लेटफार्म मिल जाता है जिससे आप अपना ऑनलाइन स्टोर बना सकते है।

4. Joomla

जब लोग अच्छे CMS प्लेटफॉर्म्स के बारे में बात कर रहे होते है तो वर्डप्रेस के साथ Joomla का भी नाम शामिल होता है। अगर आप को बहुत सारे कस्टम पोस्ट टाइप्स को मैनेज करने की जरूरत है तो आपके लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

अगर आप एक ऐसी वेबसाइट चलाना चाहते है जो Text Content पर आधारित नहीं है तो आपके लिए यह प्लेटफार्म फायदेमंद साबित हो सकता है। जूमला आपको विभिन्न प्रकार के कंटेंट के लिए एक साथ कई थीम्स और टेम्पलेट इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।

5. Drupal

Drupal भी एक अच्छा ओपन सोर्स CMS प्लेटफार्म है। कस्टम पोस्ट टाइप्स प्रकारों के लिए यह एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। Drupal आपको अपने उपयोगकर्ताओं और उनकी अनुमतियों पर उच्च स्तरीय नियंत्रण प्रदान करता है।

इसके अलावा इसमें आप एक से अधिक साइट्स भी संभाल सकते है। वर्डप्रेस और जुमला के तुलना में Drupal ज्यादा सुरक्षित प्लेटफार्म है।

6. Magnolia

यह CMS बिजनेस के लिए श्रेष्ठ है। यह प्लेटफार्म इस्तेमाल करने और सेटअप करने में आसान है। यदि आप एक बिजनेस चला रहे है और आप अपनी प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए एक वेबसाइट बनाना चाहते है लेकिन आपके पास इसका तकनीकी ज्ञान नहीं है इसे में यह CMS आप के लिए उपयोगी बन सकता है।

यह CMS बिजनेस मार्केटिंग को ध्यान में रख कर बनाया गया है जिसमें हमे Ecommerce, Analytics, Marketing आदि, से जुड़े कई फीचर्स दिए गए है जो आपको आपके बिजनेस में काफी मदद रूप साबित होते है।

7. Weebly

अगर आपको जल्दी से एक अपनी वेबसाइट बनानी है तो यह प्लेटफार्म आपके लिए बिल्कुल सही है। इस CMS प्लेटफार्म की मदद से आप बहुत आसानी से और कुछ ही मिनट्स में अपनी वेबसाइट बना सकते है।

इसमें आपको कई सारे प्लान्स देखने को मिल जाते है जिसमें पर्सनल और बिजनेस दोनो के प्लान्स शामिल हो जाते है और आप अपनी सहूलियत के हिसाब से प्लान चुन सकते है।

8. Bynder

Bynder एक मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है जो Brands को आसानी से कंटेंट बनाने, खोजने, उपयोग करने और उस पर काम करने देता है। यह ब्रांड मैनेजर्स, मार्केटर्स और एडिटर्स को नई मार्केटिंग कंटेंट का उत्पादन, अप्रूव और प्रसार करने में मदद करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले वर्कफ़्लो का ढेर प्रदान करता है।

Bynder थोड़ा महंगा CMS प्लेटफार्म है। हालांकि, आप इसे खरीदने से पहले 14 दिन का फ्री ट्रायल ले सकते है और उसके बाद अगर आपको पसंद आए तो खरीद सकते है।

9. Magneto

मैग्नेटो एक ओपन सोर्स Ecommerce प्लेटफार्म है जो PHP में लिखा गया है। यह CMS प्लेटफार्म खास करके ईकॉमर्स साइट के लिए ही बनाया गया है जिसकी वजह से इसमें मार्केटिंग के टूल्स काफी अच्छे देखने को मिल जाते है।

इसमें आपको अलग अलग प्रकार के एडिशन मिल जाते है जिसमें से आप अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते है।

10. TYPO3

यदि आप इंट्रानेट बनाने के लिए एक अच्छे CMS की खोज में है तो TYPO3 आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

यह CMS उन यूजर्स के लिए सही है जिसे वेब डेवलपमेंट में थोड़ा अनुभव है क्युकी यह CMS बिगिनर्स के लिए आसान नहीं है। इसमें आपको कई बेहतरीन फीचर्स मिल जाते है जिसमें एक से अधिक वेबसाइट चलाना और एक से अधिक भाषा का सपोर्ट शामिल है।

CMS का उपयोग करने के लाभ – Benefits of Using a CMS In Hindi

1. इस्तेमाल करने में आसान।

CMS में हमे हमारी साइट के लिए जरूरी सभी फंक्शन और टूल्स मिल जाते है, इसमें हमें कोई प्रोग्रामिंग भाषा और कोडिंग की आवश्यकता नहीं है।

कोई ऐसा व्यक्ति जिसके पास किसी प्रकार का तकनीकी ज्ञान ना हो, फिर भी वे अपनी साइट को CMS प्लेटफार्म की मदद से आसानी से ऑपरेट और मैनेज कर सकते है।

2. Multiple उपयोगकर्ताओं को अनुमति देता है।

आप एक बिजनेस चला रहे हो तो आपके वेबसाइट के साथ एक से ज्यादा यूजर्स जुड़े हुए होंगे जिनमें से सभी का काम अलग अलग होगा जैसे की कंटेंट बनना, एडिटिंग और आदि।

CMS प्लेटफॉर्म में हम उन सभी के रोल को मैनेज कर सकते है जो आपके साइट में कंट्रीब्यूशन देते है, और वे सिर्फ वोही कार्य कर पाते है जिसका रोल आपने उन्हे दिया है।

3. साइट के Maintenance में सुधार करता है।

आप अपने वेबसाइट पर कुछ सुधार करना चाहते है और अगर आपके पास कोई CMS प्लेटफार्म नहीं है तो आपके लिए यह बहुत कठिन हो जाता है।

लेकिन अगर आप एक अच्छे CMS प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर रहे है तो आपका कार्य बहुत ही आसान हो जाता है। आप साइट को खराब किए बिना अपने हिसाब से साइट में बदलाव कर सकते है।

4. अपने कंटेंट को manage करने में मदद करता है।

कई कंटेंट ऐसे होते है जिसे समय के साथ up to date रखना पड़ता है ताकि आपका कंटेंट रैंकिंग में टॉप पर बने रहे।

CMS के साथ, यह कंटेंट को हटाने जितना ही आसान है, सभी मेनू और लिंक स्वचालित रूप से अपडेट होते हैं, ताकि आपके ग्राहकों को साइट का अच्छा अनुभव मिलता रहे।

अगर आप अपने CMS में काउंटडाउन कैलेंडर और लिस्ट जैसे कस्टमाइज्ड कंटेंट डालना चाहते है तो आप वे भी कर सकते है।

5. डिजाइन को बदलना सरल है।

अगर आप अपनी साइट की डिजाइन को बदलना चाहते है तो CMS प्लेटफार्म आपका काम बहुत ही आसान कर देता है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि कंटेंट और डिज़ाइन अलग-अलग वर्चुअल बॉक्स में हैं, इसलिए आप साइट को चालू रखते हुए भी डिजाइन में बदलाव कर सकते हैं।

CMS प्लेटफार्म में आप अपने एडमिन डैशबोर्ड में बदलाव कर सकते हैं और इसे स्वचालित रूप से पूरी साइट पर प्रसारित कर सकते हैं। यह आपकी साइट को एक consistent appearance प्रदान करता है जो आपकी ब्रांडिंग के लिए फायदेमंद है।

CMS का उपयोग कैसे करें – How To Use CMS In Hindi?

दोस्तों, सबसे पहले आपको अपनी वेबसाइट के लिए होस्टिंग और डोमेन नेम की जरूरत होगी। आप अपने हिसाब से डोमेन नेम और होस्टिंग प्लान्स खरीद सकते है।

होस्टिंग और डोमेन नेम ले लेने के बाद अब आपको जिस तरह की वेबसाइट बनानी है उसको ध्यान में रख कर आपको अपने Content Management System में कैसे फीचर्स चाहिए उसके हिसाब से एक सही CMS प्लेटफार्म चुन लेना है।

CMS प्लेटफार्म चुन लेने के बाद आपने जो होस्टिंग और डोमेन नेम लिया है उसे अपने CMS के साथ जोड़े। इसके बाद आपको जो जो फीचर्स अपने साइट पर चाहिए उसे चालू करले और जो नहीं चाहिए उसे बंद कर दे। और आपके CMS में अगर Plugins उपलब्ध है तो आप अपने हिसाब से Plugins भी इंस्टॉल कर सकते है।

जब आपकी साइट का लुक और इंटरफेस सब सही से सेट हो जाए उसके बाद अब आप अपना Content लिख करके Content Management System में सही से एडिट करने के बाद पब्लिश कर सकते है और इसे आप अपने हिसाब से कभी भी मैनेज कर सकते है।

आप अपने वेबसाइट को Google Analytics से कनेक्ट करके ट्रैक कर सकते है। जिस से आपको अपनी वेबसाइट पर चल रही गतिविधियों की जानकारी प्राप्त होती है।

Content Management System (CMS) के लिए अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Cms Kya Hai – What Is CMS In Hindi

CMS का Full Form Content Management System होता है। CMS एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसकी मदद से कोई भी यूजर बिना किसी प्रोग्रामिंग स्किल के अपने Digital Content का निर्माण, संपादन, मैनेजमेंट, और पब्लिश कर सकता है।

2. CMS Full Form in Hindi

CMS का Full Form Content Management System होता है और हिंदी में इसका मतलब सामग्री प्रबंधन प्रणाली होता है।

3. बेस्ट CMS (कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम) प्लेटफॉर्म

1. WordPress
2. Wix
3. Squarespace
4. Joomla
5. Drupal
6. Magnolia
7. Weebly
8. Bynder
9. Magneto
10. TYPO3

4. क्या Content Management System ओपन सोर्स है?

WordPress, Joomla, Drupal यह ओपन सोर्स CMS है लेकिन सभी CMS ओपन सोर्स नहीं होते है।

5. ब्लॉगिंग के लिए सबसे बेहतर CMS कौन सा हैं?

WordPress और Wix यह दो प्लेटफार्म ब्लॉगिंग के लिए अच्छे और सस्ते प्लेटफॉर्म है।

6. क्या WordPress एक CMS है?

हां, WordPress एक ओपन सोर्स CMS प्लेटफॉर्म है।

7. क्या Content Management Systems (CMS) Free है?

ज्यादातर CMS प्लेटफॉर्म Paid Plans वाले है और अगर आप एक फ्री CMS खोज रहे हैं तो आप Blogger का इस्तेमाल कर सकते है।

Conclusion

दोस्तों, इस आर्टिकल में हमने आपको CMS यानी की Content Management System के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की है, जिसमें हमने CMS Full Form In Hindi, CMS क्या है, Content Management System कैसे काम करता है आदि, के बारे में जाना।

हम उम्मीद करते ही की आपको हमारा यह आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा और इसमें से कुछ नया जरूर सीखने को मिला होगा। अगर आपके मन में CMS से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप हमें नीचे कमेंट करके बता सकते है, जिसका जवाब देने की हम पूरी कोशिश करेंगे।

धन्यवाद।

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Authored By Nikul Sagadhara

Hello, I Am Nikul Sagadhara. I Am A Co-Founder And Author Of HindiAdviser. I Am A Blogger And I Share Internet Related Information For My Readers On This Blog.

This Post Has One Comment

  1. Arpit

    Sir aapne cms ke baare me bahut vistaar se bataya hai musje aapke dawara di gyi jankari ko padne me bahut intrested lga

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