Pani Peene Ke Sahi Tarike Aur Pani Peene Ke Fayde

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दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको Pani Peene Ke Sahi Tarike Aur Pani Peene Ke Fayde के बारे में बताएँगे. दोस्तों हमें से अक्सर लोग पानी को इतना साधारण समझते हैं कि हमें ऐसा लगता है कि हम जब चाहे जैसे चाहे और जितनी मात्रा में चाहे पानी पी सकते हैं लेकिन हमारा ऐसा सोचना बिल्कुल भी गलत है। क्योंकि पानी देखने में जितना साधारण लगता है हमारे शरीर के सभी अंगों को ठीक तरह से काम करने और शरीर में बनने वाले जहरीले पदार्थ को बाहर निकालने के लिए उतना ही जरूरी होता है।

पेट से लेकर त्वचा तक और वजन बढ़ाने से लेकर वजन घटाने तक पानी एक बहुत बड़ा रोल प्ले करता हैं। इसलिए पानी की सही मात्रा, इसके पीने का सही समय और पानी को किस तरह से पीने से क्या-क्या फायदे, क्या-क्या नुकसान होते हैं अगर इस बारे में जानकारी ना हो तो व्यक्ति चाहे जितनी भी अच्छी से अच्छी चीज खा ले उसका सही फायदा शरीर को मिल ही नहीं पाता।

और इसकी वजह से भविष्य में बहुत सारी हेल्थ प्रॉब्लम को फेस करना पड़ता है। जैसे कि अपचन, कब्ज, गैस, लिवर की कमजोरी, सुस्ती आना, गुर्दे की पथरी, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम हो जाना, बार बार बीमार पड़ना, स्किन एलर्जी, दाद खुजली, चेहरे पर पिंपल्स और दाग धब्बे का होना, वाइटहेड्स-ब्लैकहेड्स, स्किन का बहुत ज्यादा ऑयली या बहुत ज्यादा ड्राइ होना, पिया शरीर को ना लगना जोड़ों में दर्द होना शरीर के अनचाहे जगह पर चर्बी का जमना सर दर्द और चक्कर आना वजन बढ़ाने या घटाने में दिक्कत महसूस करना बालों का झड़ना और रातों को नींद ना आना जैसी कई बीमारी सिर्फ पानी को गलत मात्रा में और गलत तरीके से पीने से हो सकती हैं।

इसलिए आज इस आर्टिकल मै हम जानेंगे कि…

  • पानी हमारे लिए इतना जरूरी क्यों है और इसका हमारे शरीर में क्या काम होता है ?
  • एक दिन में कम से कम और ज्यादा से ज्यादा कितना पानी पिया जा सकता है ?
  • अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो उसे किस तरह से पता लगाया जा सकता है ?
  • एक बार में कितने गिलास पानी पीना चाहिए और किस तरह पीना चाहिए ?
  • पानी कब कब पीना चाहिए और कब नहीं पीना चाहिए ?
  • पानी पीने का सही समय क्या है ?
  • किस तरह का पानी होना चाहिए ठंडा, गर्म या फिर नॉर्मल ?
  • पानी वजन घटाने और बढ़ाने में किस तरह से मदद करता है ?

Table of Contents

Pani Peene Ke Sahi Tarike Aur Pani Peene Ke Fayde

पानी हमारे लिए इतना जरूरी क्यों है और इसका हमारे शरीर में क्या काम होता है?

दोस्तों हमारे शरीर में 60 से 70% पानी होता है और हमारे द्वारा किए गए पानी का इस्तेमाल हमारे Internal Organs जैसे की किडनी, लीवर, पाचन तंत्र और लगभग शरीर के सभी हिस्सों को ठीक तरह से काम करने और सबसे ज्यादा हमारे शरीर की कोशिकाओं को जिंदा रखने में होता है। इसलिए पानी हमारे लिए बेहद आवश्यक है।

दोस्तो पानी में Zero Calories होने के बावजूद यह हमारे शरीर को हाइड्रेट करके शरीर से जहरीले पदार्थ को बाहर निकालने में बहुत मदद करता है। स्किन को साफ रखता है दिमागी ताकत, पाचन क्रिया, आंख, हड्डी और लगभग हमारे शरीर के सभी अंगों को सही तरह से काम करते रहने में बहुत मदद करता है।

इसलिए हमारे लिए पानी इतना जरूरी होता है कि चाहे खाए बिना कोई व्यक्ति लंबे समय तक रहे लेकिन पानी के बिना कुछ दिन भी जीवित रह पाना संभव नहीं है क्योंकि मल, पसीना, पेशाब और सांस लेने की प्रक्रिया में लगभग 2 लीटर पानी हमारे शरीर से हर दिन बाहर निकल जाता है जिसे रिस्टोर करना बहुत जरूरी होता है।

एक दिन में कम से कम और ज्यादा से ज्यादा कितना पानी पिया जा सकता है?

वैसे तो किसी भी व्यक्ति को दिन भर में कितना पानी पीना चाहिए यह उस व्यक्ति की सेहत, वह जहां रहता है उस जगह का मौसम, उसके वजन और उसकी फिजिकल एक्टिविटीज पर निर्भर करता है।

लेकिन एक सामान्य व्यक्ति को दिन भर में 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। जो कि एक साइज के गिलास से 8 से 12 ग्लास होते हैं। और गर्मी के मौसम में क्युकी ज्यादा पसीना निकलता हैं इसलिए पानी की थोड़ी मात्रा बढ़ाई जा सकती हैं और जो लोग एक्सरसाइज करते हैं उन्हें भी आम लोगों के मुकाबले ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए। क्योंकि उनके शरीर में पानी की खपत ज्यादा मात्रा में होती हैं।

अभी यहां भी सवाल यह उठता है कि क्या जरूरत से ज्यादा पानी पी लेने पर शरीर को कोई नुकसान भी हो सकता है ? तो इसका जवाब बहुत ही सिंपल है कि कोई भी चीज बहुत ज्यादा नुकसान देती है।

ज्यादा मात्रा में पानी पीने से हमारी किडनी का काम बढ़ जाता है और खून में सोडियम का लेवल कम होने के चांसेस बहुत ज्यादा रहते हैं। लेकिन ऐसा बहुत ही कम होता है क्योंकि अक्सर लोग इतना भी पानी नहीं पी पाते जितना कि पानी पीने की लिमिट होती है और ऐसा नुकसान तब होता है जब कोई व्यक्ति चार या पांच ग्लास पानी एक साथ पीले।

शरीर में पानी की कमी हो जाए तो उसे किस तरह से पता लगाया जा सकता है?

शरीर में पानी की कमी होते ही पेशाब का रंग पीला पड़ जाता है। पाचन शक्ति कमजोर होने लगती हैं चेहरे और शरीर की स्किन धीरे-धीरे रूखी बेजान और ढीली पड़ने लगती है। और अगर शुरू में ही पानी के पीने के सही तरीके पर ध्यान ना दिया जाए तो यह लक्षण भविष्य में गंभीर बीमारी का रूप भी ले सकते हैं। इसलिए हर दिन एक नियमित मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी होता है।

एक बार में कितने गिलास पानी पीना चाहिए और किस तरह पीना चाहिए?

कुछ लोगों को लगता है कि पानी को जब चाहे और जैसे चाहे पिया जा सकता है लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल भी सही नहीं है। क्योंकि एक ही तरह के पानी को अलग अलग तरीके से पीने से इसका शरीर पर अलग-अलग तरह से असर होता है इसलिए पानी हमेशा बैठ कर और धीरे-धीरे पीना चाहिए।

जैसे कि पानी को मुंह में रखकर 4 से 5 सेकंड के लिए उसे इधर-उधर घुमाएं और फिर निगले ऐसा करने से हमारे मुंह में मौजूद लार एल्कलाइन होती है पेट में जाकर पेट की एसिडिक प्रॉपर्टीज को शांत करता है जिसे की पाचन शक्ति को बढ़ाने में बहुत मदद मिलती है।

जबकि खड़े होकर जल्दी – जल्दी पानी पीने से हमारी किडनी उसे ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाती। और मुंह से हटाकर बोतल से पानी पीने से पानी के साथ साथ बाहर मौजूद बहुत सारी गैस भी हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती हैं जिससे कि भविष्य में जोड़ों में दर्द शुरू होने के चांसेस बहुत ज्यादा रहते हैं। इसलिए पानी हमेशा बैठ कर धीरे-धीरे 3 से 4 सांसों में ही पीना चाहिए। और एक बार में एक या डेढ़ ग्लास या फिर जितनी प्यास हो उतना ही पानी पीना चाहिए।

क्योंकि एक ही बार में बहुत ज्यादा पानी पी लेने से हमारी किडनी उसे ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाती और पानी हमारे शरीर में इस्तेमाल हुए बिना ही पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है।

किस तरह का पानी होना चाहिए ठंडा, गर्म या फिर नॉर्मल?

दोस्तों कोई भी बहुत ज्यादा ठंडी चीज हम खाते हैं पीते हैं तो हमारा शरीर पहले उसे गर्म करता है और फिर काम में लेता है। पानी के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है जब हम फ्रिज में रखा ठंडा पानी पी लेते हैं तो वह हमारे पेट में पहले गर्म होता है फिर काम में आता है जब तक कि इस प्रोसेस में बहुत सारी एनर्जी वेस्ट हो जाती है और हमारे शरीर को भी इस पानी को इस्तेमाल में लाने के लिए तब तक इंतजार करना पड़ता है जब तक की पेट में गरम नहीं हो जाता।

और साथ ही साथ ठंडा पानी हमारे द्वारा खाए गए खाने को बहुत ज्यादा सख्त बना देते हैं। जिससे की पाचन क्रिया बहुत धीमी पड़ जाती हैं और कब्ज होने के चांसेस बहुत ज्यादा हो जाते हैं। इसलिए पानी हमेशा ही नॉर्मल या फिर हल्का गर्म ही पीना चाहिए। क्योंकि हल्का गर्म पानी को हमारा शरीर तुरंत काम में लेता है और हमारे द्वारा खाए गए खाने को तोड़ने में भी हल्का गर्म पानी बहुत मदद करता है। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है और पेट भी खुलकर साफ होता है।

पानी कब कब पीना चाहिए और कब नहीं पीना चाहिए?

दोस्तो यह ऐसी बातें हैं जहां अक्सर लोग गलत ही करते हैं और बीमारी के शिकार हो जाते हैं। पानी कब पीना चाहिए इससे ज्यादा यह जानना जरूरी है कि पानी कब नहीं पीना चाहिए इसलिए पहले हम जान लेते हैं कि पानी कब नहीं पीना चाहिए और फिर हम जानेंगे कि पानी कब पीना चाहिए।

पानी कब नहीं पीना चाहिए?

1. खाना खाने के बाद

वैसे तो खाना खाते वक्त पहले या बाद में एक या दो घूंट पानी पीने में कोई बुराई नहीं है बल्कि खाना खाने से पहले एक या दो घूंट पानी पीने से सूखी खाने भी गले से आसानी से उतरते हैं। और हिचकी भी नहीं आती लेकिन यहां एक या दो घूंट कहने का मतलब है कि गला भीगने जितना ही पानी पीना।

लेकिन खाना खाने के दौरान, पहले या बाद में ग्लास भरकर या ज्यादा मात्रा में पानी पीना बिल्कुल भी सही नहीं है। क्योंकि खाना खाने के तुरंत बाद पानी पी लेने से यह हमारे द्वारा खाए गए खाने को बहुत पतला बना देता है और हमारे पेट में पाचक रस भी ठीक से नहीं निकल पाते हैं इससे पाचन क्रिया बहुत धीमी पड़ जाती है। इसलिए पानी हमेशा खाना खाने के 45 मिनट से 1 घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए।

2. रात को सोने से तुरंत पहले या अचानक नींद खुले पर पानी पीकर सोना

दोस्तों दिन के समय पानी हमारे लिए जितना फायदेमंद होता है उसी तरह रात के समय ज्यादा पानी पीने से नुकसान भी हो सकता है।क्योंकि सोते वक्त हमारा शरीर एक्टिव नहीं रहता जिससे पानी हमारे शरीर में ठीक से इस्तेमाल हुए बिना ही किडनी में फिल्टर होने के लिए पहुंच जाता है।

जहां यह हमारी किडनी को बहुत नुकसान पहुंचाता है और नींद से उठ कर बार-बार टॉयलेट जाने की भी जरूरत पड़ सकती हैं। जिस से दोबारा नींद आने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसलिए जितना हो सके दिन के टाइम ही पानी की लिमिट को पूरा करने की कोशिश करना चाहिए और साथ ही दो बार पानी पीने के बीच कम से कम 45 मिनट से 1 घंटे का गैप जरूर रखना चाहिए। क्योंकि जल्दी-जल्दी पानी पीते रहने से पानी हमारे शरीर में इस्तेमाल हुए बिना ही पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है और इसे जल्दी जल्दी पेशाब आने की समस्या भी शुरू हो सकती हैं।

इसलिए जब आपको लगे कि आपका पेशाब पीला नहीं है बल्कि पानी की तरह बिल्कुल साफ है इसका मतलब होता है कि फिलहाल आपकी बॉडी को पानी की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है.

इसलिए पेशाब करने के बाद पानी पीने के लिए कम से कम 15 से 20 मिनट का गेप जरूर रखें ताकि हमारी किडनी को रेस्ट लेने के लिए थोड़ा मौका मिल सके। नहीं तो जल्दी यदि पानी पीते रहने से बार-बार पेशाब आना और पेशाब को ठीक से रोक ना पाने की समस्या शुरू हो सकती हैं।

3. फल खाने के बाद

अकसर फल और ऐसे सब्जी जैसे खीरा और टमाटर जैसी चीजों को अगर आप कच्चा खाते हैं तो उसके तुरंत बाद पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए और उसी तरह केला तरबूज अनार संतरे और दूसरे फल खाने के बाद भी तुरंत पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए।

क्योंकि ऐसा करने से खाई हुई चीज बहुत सख्त हो जाती जिससे पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती हैं और कुछ लोगों को सर्दी जुकाम भी हो जाते हैं। साथ ही साथ बहुत ज्यादा गर्म चीजें जैसे कि चाय – कॉफी और सूप जैसी चीजों को पीते हैं तब भी आपको तुरंत पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए। क्योंकि इन चीजों को पीने के बाद तुरंत पानी पीने से दांतो को और मसूड़ों को नुकसान पहुंचता है।

पानी कब पीना चाहिए? | पानी पीने का सही समय क्या है?

दोस्तों जिस तरह हम खाना खाने से पहले प्लेट को धोकर साफ करते हैं फिर खाते हैं उसी तरह हमें हर सुबह कुछ भी खाने या पीने से पहले अपने पेट की सफाई जरूर करनी चाहिए इसके लिए पानी से बेहतर और कुछ भी नहीं।

सुबह खाली पेट पानी पीने से रात को सोते वक्त पेट में बनने वाले जहरीले पदार्थ की काफी हद तक सफाई हो जाती है। लेकिन जो लोग खाली पेट पानी पिए बिना ही कुछ भी खाते पीते हैं तो यह बिल्कुल ऐसा ही हो जाता है कि जैसे झूठी प्लेट को बिना साफ किए हैं उसमें खाना खा लेना।

इसलिए 1 से 2 गिलास पानी सुबह खाली पेट, एक एक गिलास करके पानी दिन के खाना खाने के 45 मिनट या 1 घंटा पहले और बाद में पीना चाहिए। और उसी तरह रात के समय पानी कम मात्रा में पीना चाहिए और रात का खाना खाने के 2 घंटे बाद पानी के जगह दूध का सेवन करना चाहिए। क्योंकि दूध में मौजूद प्रोटीन पूरी रात शरीर को धीरे-धीरे एनर्जी प्रदान करता है और इसमें मौजूद ट्रिप्टोफैन नाम का अमीनो एसिड दिमाग को शांत करके अच्छी नींद दिलाने में बहुत मदद करता है।

दिन में जब भी आप पानी पिए तो दो बार पानी पीने के बीच लगभग 1 घंटे का अंतराल रखते हुए पानी पीने का खास ख्याल रखें। ताकि पूरे दिन में ढाई से तीन लीटर पानी पूरा किया जा सके और अगर आप धूप से होकर आते हैं रनिंग या एक्सरसाइज करते हैं तो उस दौरान एक बार में गिलास भर के पानी बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए। क्योंकि उस वक्त हमारे शरीर का तापमान हाई रहता है। इसलिए उस वक्त ज्यादा मात्रा में पानी पीने से हमारे शरीर को फायदा के बजाय नुकसान हो सकते हैं और एक्सरसाइज या वेटलिफ्टिंग में भी प्रॉब्लम को फेस करना पड़ सकता है।

इसलिए एक्सरसाइज के दौरान एक बार में एक चौथाई ग्लास या फिर दो से तीन घुट पानी ही पीना चाहिए और फिर जब भी आपको प्यास लगे तो फिर से आप एक चौथाई पानी यानी के दो से तीन घुट पानी पिए। एक्सरसाइज खत्म कर ने के आधे से 1 घंटे बाद आप ग्लास भर कर भी पानी पी सकते हैं। लेकिन एक्सरसाइज के दौरान थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना चाहिए।

पानी वजन घटाने और बढ़ाने में किस तरह से मदद करता है?

पानी के इस तरह से इस्तेमाल करने से हमारी सेहत से जुड़ी लगभग बहुत सी प्रॉब्लम तबीयत ठीक हो जाती है और साथ ही साथ हमारा पाचन भी ठीक रहता है। जिसकी वजह से यहां तक कि वजन बढ़ाने और घटाने में भी बहुत मदद मिलती है। क्योंकि जब तक कि किसी भी व्यक्ति का पाचन ठीक ना हो वजन का बढ़ाना या कम करना संभव नहीं है।

पानी पीने के इस तरीके को अपनाने के कुछ ही हफ्तों में आपको अपनी सेहत में बहुत ही अच्छा सुधार महसूस होने लगेगा।

निष्कर्ष

तो दोस्तों हम उम्मीद करते है आपको Pani Peene Ke Sahi Tarike Aur Pani Peene Ke Fayde के बारे में बहुत ही आसानी से पता चल गया होगा। अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया है तो इसे शेयर करे और हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करे. धन्यवाद।

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Categories: Health

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